परमात्मा की प्यारी आत्माएं

नमस्कार दोस्तों !मैं सुमन भाटी  वैसे तो आप सब जानते हैं  कि जब जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है तब तब वह पूर्ण परमेश्वर  स्वयं या अपने किसी नुमाइंदे को भेजकर पृथ्वी पर अर्थात मृत मंडल में शांति की स्थापना और धर्म की स्थापना करते हैं आज मैं आपको बताऊंगी कि वर्तमान समय में कौन है वह शक्ति जो धर्म की स्थापना के लिए आई हुई है, पूर्ण परमात्मा जब मृत मंडल में आते हैं तब किन-किन को कैसे-कैसे अवस्था में मिलते हैं पूर्ण परमात्मा अपने दृढ़ आत्माओं को मिलते हैं आइए जानते हैं कौन-कौन वह परमात्मा की प्यारी आत्माएं थी,
परमात्मा की वह प्यारी आत्माएं जिनको पूर्ण परमेश्वर खुद जिंदा महात्मा के रूप में मिले थे
🌏 आदरणीय गरीबदास जी
                                      गांव छुड़ानी जिला झज्जर हरियाणा वाले गरीबदास जी को परमात्मा जिंदा महात्मा के रूप में जब  गरीब दास जी 10 वर्ष के बालक थे  तब गायों को चराते वक्त मिले थे,  गरीबदास जी की पूर्ण परमात्मा से मिलने के बाद वाणी है -
                                             अजब नगर में ले गया,  हमकू सतगुरु आन, झीलके बीम्ब   अघाध गति सूते चादर तान! 


🌍आदरणीय धर्मदास साहेब  जी
                                              गांव बांधवगढ़ मध्य प्रदेश वाले इनको भी पूर्ण परमात्मा जिंदा महात्मा के रूप में मथुरा में मिले थे सतलोक दिखाया था आदरणीय धर्मदास जी से परमात्मा मिलने के बाद  धर्मदास जी की दशा👇
     तहा वहां रोवत है धर्मनी नागर, 
कहां गए मेरे सुख के सागर, 
अति वियोग हुआ हम सेती, 
जिससे निर्धन की लूट जाए खेती, 
कल्प करें और मन में रोवे, 
दसो दिशा को वो मग जोहे, 
वेग मिलो कर हूं अपघाता अब ना जिय सुनो विधाता!! 

🌍आदरणीय दादू साहिब जी
                                     जब आदरणीय दादू साहिब 7 वर्ष के थे तब पूर्ण परमात्मा जिंदा महात्मा के रूप में मिले तथा सतलोक ले गए 3 दिन तक दादूजी बेहोश रहें होश में आने के पश्चात परमेश्वर की महिमा की आंखों देखी बहुत से अमृतवाणी उच्चारण की👇
                                                    दादू नाम कबीर का सुनकर कांपे काल , 
नाम भरोसे जो नर चले होवे  ना बांका बाल , 
सुन सुन सखी कबीर की काल निवावे माथ
धन्य धन्य हो तीन लोक में दादू जोड़े हाथ !! 

🌍 आदरणीय मलूकदास साहिब जी
                                            आदरणीय मलूक दास साहब जी को 42वर्ष की आयु में पूर्ण परमात्मा मिले थे तथा 2 दिन तक मलूकदास  बेहोश रहे थे, 👇
                                                      जपो रे मन साहेब नाम कबीर
चार दाग से सतगुरु न्यारे, अजरो अमर शरीर, 
दास मालूक सलूक कहत है खोजो खसम कबीर!! 

🌍आदरणीय नानक साहिब जी
                                       आदरणीय नानक साहिब जी को पूर्ण परमात्मा बेई नदी के के किनारे जिंदा महात्मा के रूप में मिले थे हैं उनको सतलोक ले गए थे, 👇
                                                          फाई सूरत मालूकी वेश, 
ऐ ठगवाडा , ठगी देश, 
खरा स्याना बहुता भार, 
 धानक रूप रहा करतार!! 
🌍 स्वामी रामानंद जी

                            स्वामी रामानंद जी को पूर्ण परमात्मा कई बार मिले थे अलग-अलग रूपों में तत्वज्ञान समझाया तत्वज्ञान समझाने के बाद में रामानंद जी ने परमात्मा की महिमा का गुणगान किया👇
                                  कोटि-कोटि सिजदा करें कोटि-कोटि प्रणाम , 
गरीबदास अनहद अधर हम पर से तुम धाम , 
बोलत रामानंद जी सुन कबीर करतार 
गरीबदास सब रूप में तुम ही बोलन हार, 
 तुम साहिब तुम संत हो तुम सत्गुर तुम हँस 
 गरीब दास तुम रूप बिना और न दूजा अंस!! 
                     👇👇👇👇👇
अधिक जानकारी के लिए कृपया रोज शाम 7:30 बजे संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन अवश्य सुने
           


                                         
                                         

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