कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है
नमस्कार दोस्तों ! आप सब जानते हैं कि आज के जमाने में हमारा देश और हमारे देश के युवा बहुत सारी समस्याओं से घिरे हैं उन समस्याओं से कैसे बाहर निकला जाए!
👉 दोस्तों एक तरफ तो हमारे देश के युवा नशे जैसी बुरी आदतों के गुलाम हो गए हैं तो वहीं दूसरी ओर हमारे देश और समाज में बहुत सारी से कुर्तियां हैं जो अपने पैर पर मजबूती से टिका रखे हैं, आइए दोस्तों जानते हैं इन सामाजिक महा भयंकर बुराइयों के बारे में,
👉 दोस्तों कोई भी इंसान किसी भी प्रकार की बुराई अपने मां की गर्भ से नहीं सीख कर आता उसे सिखाने के लिए यहां का सामाजिक वातावरण , समाज का व्यवहार में रहकर बहुत सारी बुराइयां इंसान सीख लेता है इन बुराइयों में सबसे बड़ा योगदान फिल्मों का रहा है, जो फिल्म निर्माता है अपनी कमाई करने के लिए फिल्मों का निर्माण करता है और देश की युवा उन फिल्मों को देखकर अपना जीवन नर्क बना लेता है उन फिल्मों को सच मान लेता है हमारे देश के युवाओं को अपने जीवन में सफल होना है तो फिल्मों से दूरी बनाए रखनी होगी सबसे बड़ी दुश्मन है यह फिल्में, हमारे देश के सर्वोच्च सेवा आईएएस आईपीएस अरे बड़े-बड़े अधिकारी है उनके अनुभव से पता चलता है कि उन्होंने कभी फिल्में देखी नहीं यह फिल्में मनोरंजन का साधन है ना कि सक्सेसफुल लाइफ का,
👉 अगर जिंदगी में कुछ बड़ा करना है तो हमारे देश के कवियों की कविताओं को पढ़ें फिल्मों से अच्छी जानकारी मिलती है इन कविताओं में, दोस्तों आगे बढ़ने के लिए कभी-कभी इंसान को गूंगा बहरा अंधा भी बनना पड़ता है क्योंकि समाज आगे बढ़ने नहीं पीछे धकेलने का काम करता है,
👉 अगर इस मुश्किल भरी जिंदगी में दोस्त बनाने की जरूरत पड़े तो अपनी किताबों को दोस्त बनाए क्योंकि ये ना कभी झूठ बोलती हैं ना कभी धोखा देती हैं कभी भी पन्नों को पलट के देखो, जयो के त्यो लिखे मिलते हैं
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